हिमांचल प्रदेश मैं काँगड़ा जिला मैं इन्दोरा तहसील से ६ कि मी की दूरी पर काठगढ़ नाम के स्थान पर ६ फीट का शिवलिंग अवस्थित है। यह शिवलिंग दो भागों मैं विभाजित है। एक भाग माँ पार्वती तथा दूसरा भाग शिव के रूप मैं पूजा जाता है। इस स्थान की विशेषता यह है की दोनों का अन्तर घटता बढ़ता रहता है। मान्यता है की इस स्थान पर श्री राम के भाई भरत ने शिव आराधना की थी। सिकंदर महान का भी अन्तिम पड़ाव इसी स्थान पर लगा था तथा यहीं से उसने वापसी की थी । यहाँ बंदिओं को काठ लगाया जाता था यानि फांसी पर लटकाया जाता था। यह स्थान पठानकोट से २५ कि मी कि दूरी पर बआस नदी के किनारे पर स्थित है। शिवरात्रि पर बहुत बड़ा मेला लगता है।
शुक्रवार, 18 सितंबर 2009
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
चिट्ठा जगत में आपका स्वागत है. सार्थक लेखन हेतु शुभकामनाएं. लिखते रहिये.
जवाब देंहटाएं---
Till 25-09-09 लेखक / लेखिका के रूप में ज्वाइन [उल्टा तीर]
इस जगत में आपका स्वागत है ।
जवाब देंहटाएंनवरात्र की मंगल कामनाएँ.
जवाब देंहटाएंआपका हिन्दी चिट्ठाजगत में हार्दिक स्वागत है. आपके नियमित लेखन के लिए अनेक शुभकामनाऐं.
एक निवेदन:
कृप्या वर्ड वेरीफीकेशन हटा लें ताकि टिप्पणी देने में सहूलियत हो. मात्र एक निवेदन है बाकि आपकी इच्छा.
वर्ड वेरीफिकेशन हटाने के लिए:
डैशबोर्ड>सेटिंग्स>कमेन्टस>Show word verification for comments?> इसमें ’नो’ का विकल्प चुन लें..बस हो गया..कितना सरल है न हटाना और उतना ही मुश्किल-इसे भरना!! यकीन मानिये!!.
हुज़ूर आपका भी एहतिराम करता चलूं.........
जवाब देंहटाएंइधर से गुज़रा था, सोचा, सलाम करता चलूं....
ख़ूब घूमिये, ख़ूब लिखिए।
जवाब देंहटाएंअच्छी कोशिश है आपकी .. ब्लाग जगत में स्वागत है आपका .. भविष्य के लिए ढेर शुभकामनाएं !!
जवाब देंहटाएंjankari ke liye sukriya.narayan narayan
जवाब देंहटाएं" aapka swagat hai "
जवाब देंहटाएं" likhate rahiye aur hamare yahan bhi aaye ..."
----- eksacchai { AAWAZ }
http://eksacchai.blogspot.com
http://hindimasti4u.blogspot.com
चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है.......भविष्य के लिये ढेर सारी शुभकामनायें.
जवाब देंहटाएं